7 Female + 3 Male = 1 UNIT                                       Proper Training for New Clients                                       Contact Us : +91 85700 - 82000                     

7 Female + 3 Male = 1 UNIT

DOES NOT REQUIRE ANY SPECIAL CARE & MANAGEMENT

Profits in Raising Rabbits

 

There any profit in raising rabbits?  Profit, in our opinion, should not be described by the amount of money you make, but by the amount of money you save.  Spending much less at the grocery store on meat, simply by raising your own meat, is the same as making a profit.  This is money that stays in your pocket and this can be considered a profit.  As a backyard grower, you probably won’t be able to quit your day job, but even on a small scale, you might be able to save some money.  And as said earlier, this is the same as making a profit.

As with any small business you won’t reach success overnight.  You have to understand one must have a game plan.  You must be able to manage and market the rabbits.  You will also have to know how to budget.  So, there can be profits made in raising rabbits, but like anything else, it will take work and discipline.  In our opinion, a certain number of rabbits are needed to be produced on a yearly basis to reach profits.

In order for the cost (feed, utilities, materials etc.) of the meat produced by a rabbitry to be equal to or greater than that spent at the grocery store; each doe needs to raise out a minimum of 35 fryers per year.  To attain this goal, the doe would have to be re-mated 10 to 21 days after kindling and the litter is weaned at 4 weeks of age. This would be 7 to 8 litters per year. Using the above mating practices, the doe, if good stock, should produce between 50 to 60 kits per year. The number of kits that are actually raised out will be determined by how good of a mother the doe is and by the job that you do.

Does that do not meet this minimum standard should be culled.  If a rabbit is not producing, it is just eating what little profits there are.  An average market weight desired is 4 to 6kg. Fryers should reach a “market weight” of 5kg. by 8 to 10 weeks of age and most certainly by 11 weeks. This time period may vary depending on your management, stock, temperature, and protein percentage in your feed.

-: खरगोश पालन :-

खरगोश पालन किसके लिए है?

  • भूमिहीन किसानों, अशिक्षित युवाओं और महिलाओं के लिए खरगोश पालन अंशकालिक नौकरी की तरह एक अतिरिक्‍त आय का साधन बनता है।

खरगोश पालन से लाभ

  • खरगोश पालन से कोई भी अपने परिवार के लिए उच्‍च गुणवत्‍ता वाला प्रोटीनयुक्‍त माँस प्राप्‍त कर सकता है।
  • खरगोश को घर में आसानी से उपलब्‍ध पत्‍ते, बची हुई सब्जियां और चने खिलाए जा सकते हैं।
  • ब्रॉयलर खरगोशों में वृद्धि दर अत्‍यधिक उच्‍च होती है। वे तीन महीने की उम्र में ही 2 किलो के हो जाते हैं।
  • खरगोश में लिटर साइज (बच्‍चों की संख्‍या) सबसे अधिक होती है (8 से 12)
  • अन्‍य माँस से तुलना करने पर खरगोश के मीट में उच्‍च प्रोटीन (21 फीसदी) और कम वसा (8 फीसदी) होता है। इसलिए यह माँस सभी उम्र के लोगों, वयस्‍क से बच्‍चों तक के लिए उपयुक्‍त है।

एक युनिट में 7 मादा और 3 नर खरगोश होते हैं। इसके फार्मिंग.के लिए शुरुआती स्‍तर 10 युनिट का रखा है। 10 युनिट से फार्मिंग शुरू करने के लिए लगभग 4 से 4.5 लाख रुपए खर्च आता है। इसमें टिन शेड लगभग 1 से 1.5 लाख रुपए, पिंजरे 1 से 1.25 लाख रुपए, चारा और इन युनिट्स पर लगभग 2 लाख रुपए खर्च शामिल है।

नर और मादा खरगोश लगभग 6 महीने के बाद ब्रीडिंग के लिए तैयार होते हैं। एक मादा खरगोश एक बार में 6 से 7 बच्‍चों को जन्म देती है। मादा खरगोश का प्रेग्‍नेंशी पीरियड 30 दिन का होता है और इसके अगले 45 दिनों में बच्‍चा लगभग 2 किलोग्राम का होने के बाद बिकने के लिए तैयार हो जाता है। 10 युनिट खरगोश से 45 दिनों में तैयार हुआ बच्‍चों का बैच लगभग 2 लाख रुपए में बिकता है।

इन्‍हें हम फार्म ब्रिडिंग, मीटऔर ऊन व्‍यवसाय के लिए बेचते हैं। खरगोश सालभर में कम से कम से कम 7 बार प्रेग्‍नेंट होती है। लेकिन, यदि हम मोर्टालिटी, बीमारी आदि सभी को ध्‍यान में रखकर औसतन 5 प्रेग्‍नेंशी पीरियड भी मान लें तो साल भर में 10 लाख रुपए के खरगोश बिक जाते हैं। जबकि, चारे पर खर्च 2 से 3 लाख भी मान लें तो 7 लाख रुपए शुद्ध इनकम होती है।

  • खरगोश एक बहुत ही छोटे प्रकार का जानवर है | इसलिए इंडिया में rabbit farming करने के बहुत सारे फायदे हैं | लेकिन इनमे से कुछ मुख्य लाभ हैं, जो निम्नवत हैं |
  • खरगोश या rabbit का आकार छोटा होने के कारण, इनको पालने के लिए कम जगह, कम खाना चाहिए होता है | जिससे इनके खाने और construction में कम खर्चा आता है |
  • खरगोश का पालन घर के पिछवाड़े, छत या फिर फार्म में आराम से किया जा सकता है |
  • इनका farm start करने के लिए बहुत कम वित्त की आवश्यकता होती है | इसलिए छोटे से छोटे किसान भी इनकी farming आसानी से start कर सकते हैं |
  • Broiler chickens की भांति rabbit भी बहुत जल्दी grow करते हैं | इनको मार्किट साइज़ का होने में केवल 4 से 5 महीनों का समय लगता है |
  • इनके खाने का खर्च कम करने के लिए आप इनको बची हुई सब्जी, आपके आस पास उपलब्ध पत्तियां, और आपके स्वयं के द्वारा उत्पादित अनाज भी दे सकते हैं |
  • खरगोशों की प्रजनन क्षमता बहुत ही उच्च होती है | एक female rabbit हर महीने 2 से 6 बच्चे तक पैदा कर सकती है |
  • चूँकि ग्रामीण भारत की महिलाएं अन्य पशु जैसे गाय, भैंस इत्यादि का पालन करती हैं | अगर वे चाहें तो इनके साथ rabbit farming भी कर सकती हैं |
  • युवा पढ़े लिखे बेरोजगार लोग rabbit farming को व्यवसायिक तौर पर शुरू कर सकते हैं | और इस व्यवसाय को अपनी kamai का जरिया बना सकते हैं |
  • कम निवेश और छोटी जगह में ही खरगोश पालन अधिक आय देता है।
  • खरगोश साधारण खाना खाता है और खरगोश से उच्‍च गुणवत्‍ता वाला प्रोटीनयुक्‍त माँस उपलब्‍ध होता है।
  • मीट उत्‍पादन के अलावा वे फर और खाल के लिए भी पाले जा सकते हैं।

Welcome to National Livestock Organisation

There’s a good chance of rabbit farming, and business production may be a good supply of financial gain and employment in India farming sector. Rabbits would like little place for living and fewer food for living.

Contact us

14 + 4 =

Contact Us

Call  : +91 85700 – 82000 info@nationallivestock.org

 +91 85700 – 82000